5 अगस्त 2015 - 04:22
इस्राईल और सऊदी का मिलकर ईरान को एक बड़ी शक्ति बनने से रोकने का प्रयास।

ज़ायोनी शासन के आंतरिक शोध केन्द्र ने बताया है कि वर्तमान समय में तेल-अवीव और रियाज़ के संबन्ध बहुत अधिक मैत्रीपूर्ण हैं।

ज़ायोनी शासन के आंतरिक शोध केन्द्र ने बताया है कि वर्तमान समय में तेल-अवीव और रियाज़ के संबन्ध बहुत अधिक मैत्रीपूर्ण हैं।
इस इस्राईली शोध केन्द्र के अनुसार इस्राईल और सऊदी अरब मिलकर इस बात के अथक प्रयास कर रहे हैं कि ईरान को एक बड़ी शक्ति बनने से रोका जाए।  इस शोध में बताया गया है कि इस समय रियाज़ और तेल-अवीव, पिछले कई वर्षों की तुलना में बहुत निकट हैं किंतु उनके संबन्ध गोपनीय हैं। ज़ायोनी शासन के आंतरिक शोध केन्द्र की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि विकी लीक्स की ओर से जारी गोपनीय दस्तावेज़ों से भी पता चलता है कि सऊदी अरब और इस्राईल ने गोपनीय वार्ताएं की हैं।  दोनो पक्षों ने ईरान के परमाणु मामले पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया। इस रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सऊदी अरब और फ़ार्स की खाड़ी के अरब देशों के अधिकारियों का यह मानना है कि वर्तमान समय में इस्राईल के साथ अपने संबन्धों को सार्वजनिक करना उनके लिए हानिकारक है।
ज़ायोनी शासन के आंतरिक शोध केन्द्र की यह रिपोर्ट, ऐसी स्थिति में प्राकशित हुई है कि जब इस्राईल के विदेश मंत्रालय के प्रभारी डोरी गोल्ड ने स्वीकार किया है कि सऊदी अरब, इस्राईल का अच्छा साथी है।